ग़ुस्ल: शरीयत के अनुसार स्नान
ग़ुस्ल (अरबी: غُسْل) इस्लाम में पूरे शरीर की शरीयत के अनुसार पवित्रता है। शहादा के बाद, ग़ुस्ल पहला कार्य है जो आपको पवित्र करता है जब आप मुसलमान के रूप में अपना नया जीवन शुरू करते हैं।
ग़ुस्ल क्या है?
ग़ुस्ल पूरे शरीर को पानी से धोने की इस्लामी विधि है। यह आध्यात्मिक पवित्रता का कार्य है जो व्यक्ति को पवित्र (ताहिर) बनाता है और उसे नमाज़ और क़ुरआन तिलावत जैसी इबादतें करने योग्य बनाता है।
"ग़ुस्ल" शब्द अरबी मूल से है जिसका अर्थ "धोना" है। यह वुज़ू (दैनिक नमाज़ों के लिए आंशिक धुलाई) से अलग है क्योंकि इसमें पूरे शरीर को धोना शामिल है।
ग़ुस्ल कब फ़र्ज़ है?
निम्नलिखित स्थितियों में ग़ुस्ल फ़र्ज़ होता है:
- इस्लाम क़बूल करने के बाद — नए मुसलमान के रूप में आपका पहला ग़ुस्ल।
- संभोग के बाद — भले ही वीर्यपात न हुआ हो।
- वीर्यपात के बाद — नींद में (स्वप्नदोष) या जागते में।
- हैज़ (मासिक धर्म) समाप्त होने के बाद — महिलाओं के लिए।
- निफ़ास के बाद — प्रसव के बाद रक्तस्राव रुकने पर।
जुमा की नमाज़, ईद की नमाज़ों और हज या उमरा के इहराम से पहले ग़ुस्ल सुन्नत है।
ग़ुस्ल कैसे करें
यह तरीक़ा आइशा (रज़ि.) की हदीस पर आधारित है।
आइशा (रज़ि.) ने बयान किया कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) जब जनाबत से ग़ुस्ल करते तो पहले हाथ धोते, फिर बाएं हाथ से शर्मगाह धोते। फिर नमाज़ जैसा वुज़ू करते। फिर पानी लेकर बालों की जड़ों में उंगलियां डालते और तीन चुल्लू पानी सिर पर डालते। फिर बाक़ी जिस्म पर पानी बहाते और पैर धोते।
— सहीह मुस्लिम #479; सहीह बुख़ारी में भी वर्णित
क़दम दर क़दम गाइड
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नीयत करें
दिल में अल्लाह के लिए पवित्रता की नीयत करें।
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बिस्मिल्लाह कहें
"बिस्मिल्लाह" कहें।
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हाथ तीन बार धोएं
दोनों हाथ तीन बार अच्छी तरह धोएं।
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शर्मगाह धोएं
बाएं हाथ से शर्मगाह धोएं।
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वुज़ू करें
नमाज़ जैसा पूरा वुज़ू करें।
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सिर पर तीन बार पानी डालें
बालों की जड़ों में उंगलियां डालते हुए तीन बार पानी सिर पर डालें।
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दाईं ओर धोएं
शरीर के दाईं ओर पानी डालें।
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बाईं ओर धोएं
शरीर के बाईं ओर पानी डालें।
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पैर धोएं
अगर वुज़ू में पैर छोड़े थे तो अब आख़िर में धोएं।
महत्वपूर्ण नोट्स
- न्यूनतम शर्त कुल्ली और नाक में पानी डालना सहित पूरे शरीर तक पानी पहुंचना।
- साबुन और शैम्पू जायज़ हैं पर ज़रूरी नहीं।
- ग़ुस्ल के बाद पूर्ण पवित्रता में होते हैं, अलग वुज़ू की ज़रूरत नहीं (वुज़ू न टूटे तो)।
- समय लें धीरे-धीरे सीखना बिल्कुल सामान्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग़ुस्ल कब फ़र्ज़?
संभोग, वीर्यपात, हैज़ व निफ़ास समाप्ति और इस्लाम क़बूल करने के बाद।
वुज़ू बिना ग़ुस्ल?
पूर्ण सुन्नत तरीक़े में वुज़ू शामिल है।
किसी दिशा की ओर मुंह?
नहीं, क़िब्ला की ओर मुंह ज़रूरी नहीं।
बाल पूरे धोने हैं?
पानी जड़ों तक पहुंचना चाहिए।
ग़ुस्ल वुज़ू की जगह?
हां, अगर पवित्रता की नीयत से किया।
शावर में ग़ुस्ल?
हां, क्रम में क़दम अपनाएं।
ग़ुस्ल और वुज़ू में फ़र्क?
वुज़ू आंशिक; ग़ुस्ल पूरे जिस्म को धोना।
स्रोत
यह गाइड सहीह इस्लामी स्रोतों पर आधारित है।
- इस्लामी ग़ुस्ल का वर्णन — IslamQA.info (Sheikh Muhammed Salih Al-Munajjid)
- ग़ुस्ल के बारे में और सवाल — IslamQA.info
अब क्या करें?
ग़ुस्ल के बाद अगला क़दम नमाज़ सीखना है। नमाज़ इस्लाम का दूसरा रुक्न है।
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